पीड़ित पुरुषों की सुनवाई के लिए महिला थाना में अलग से डेस्क

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Tags: Madhya Pradesh, Mahila Thana, Men’s Cell, Police Station,  Crime Against Men
महिला पीड़ित पुरुषों की भी करेगी पुलिस सुनवाई

(दीप्ति) Tue Apr 26, 2016 6:23 am

भोपाल (साई)। अबला के नाम पर महिलाओं को आईपीसी व सीआरपीसी में मिले तमाम कानूनी प्रावधानों का बेजा दुरुपयोग होता है। इसलिए उनका फायदा उठाते हुए पुरुषों को पीड़ित करती हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं होने से महिला पीड़ित पीड़ा सहने को मजबूर रहते हैं, लेकिन अब उनके लिए अच्छी खबर है।

दरअसल प्रदेश के महिला थानों में जल्द ही पुरुष हेल्प डेस्क बनाने की तैयारी चल रही है। इसकी शुरूआत इंदौर से की जाएगी। पुलिस का यह कदम पीड़ित पुरुषों के लिए मददगार साबित होगा। अब महिला पुरुष थानों में पुरुषों की शिकायत भी दर्ज हो सकेगी। शिकायत में संबंधित महिला के खिलाफ प्रताडऩा के आरोप साबित होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हेल्थ डेस्क का नियंत्रण हर जिले में जिला पुुलिस के अधीन ही होगा।

डेस्क के लिए अलग से स्टाफ की तैनाती की जाएगी। पीड़ित पुरुषों की शिकायत का रिकार्ड भी बाकायदा व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा। इसकी मानिटरिंग पुलिस अधीक्षक कार्यालय करेगा। गौरतलब है कि महिला थानों पर आए दिन पीड़ित पुरुष शिकायत लेकर पहुंचते हैं लेकिन अब तक उनकी शिकायत सुनने की नियमानुसार वहां कोई व्यवस्था नहीं थी। पुरुष हेल्प डेस्क स्थापित होने से महिला थाने में शिकायत की सुनवाई हो सकेगी। डेस्क की अनुशंसा पर महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज हो सकेगा। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक अपने स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दे सकते हैं। इससे महिलाओं द्वारा झूठे केस दर्ज करने की प्रवत्ति पर लगाम लगेगी।

पुरुष डेस्क के लिए महिला थाने में सहायक उप-निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात रहेंगे। वे पीड़ित पुरुष की शिकायत पर सुनवाई कर जांच करेंगे। जांच सही मिलने पर केस दर्ज करने की अनुशंसा की जाएगी। डेस्क को जांच के बाद की गई कार्रवाई के बारे में पीड़ित को जानकारी देना होगी।

देशभर में पत्नी पीड़ित पुरुषों ने अपने संगठन बना लिए हैं। पत्नी के सताए हुए पुरुषों को ये संगठन न सिर्फ मदद करते हैं बल्कि कोर्ट केस में भी उनकी सहायता करते हैं।

प्रताडऩा की शिकायत

शादी के दस साल बाद मोहन की किसी बात पर अपनी पत्नी से कहा सुनी हुई तो पत्नी ने प्रताडऩा की शिकायत पर 498 का केस दर्ज कराने की कोशिश की। पुलिस जांच में पत्नी का आरोप झूठा पाया गया।

रिलेशन के बाद शिकायत

कई युवतियां पहले मर्जी से सालों तक लिव इन रिलेशन में पुरुष मित्र के साथ रहती हैं। जब कभी विवाद की स्थिति बनती है तो वे संबंधित पुरुष के खिलाफ ज्यादती के आरोप लगाती हैं। साथ ही पुलिस में शिकायत कर धारा 376 का केस दर्ज कराने की कोशिश करती हैं। प्रायरू ऐसे मामलों में पुरुष को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जाता है।

छेड़छाड़ की शिकायत

वी केयर फार यू में आने वाले 80 फीसदी मामलों में महिलाएं जिसकी शिकायत करती हैं वह उनका पूर्व परिचित, दोस्त अथवा प्रेमी होता है। अधिकांश मामलों में महिलाएं इनसे अपना काम साध कर अलग हो जाती हैं। जब पूर्व पुरुष मित्र उनसे संपर्क की कोशिश करता है तो वे उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाती हैं। उस पर धारा 354 का केस दर्ज करा देती हैं। हकीकत पता चलने पर समझौता करने को तैयार हो जाती हैं। लेकिन तब तक पुरुष की बदनामी हो चुकी होती है।

इसलिए बन रहा

गृहमंत्री बाबूलाल गौर का कहना है कि प्रदेश में पुरुषों को प्रताड़ित करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महिला पुलिस थाने में प्रायः महिलाएं पुरुषों पर केस दर्ज करवाती हैं। वी केयर फार यू संस्था में भी महिलाएं शिकायत करती हैं तो भी पुरुषों पर कार्रवाई होती है। लेकिन अधिकांश मामलों में शिकायत झूठी होती है। कानून सभी के लिए समान है। महिला पीड़ित पुरुषों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। साथ ही उन्हें इंसाफ मिलने की उम्मीद भी बढ़ेगी।

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